Searching !!!
Search , Have know & Share
Pages
घर
गजल
मुक्तक
कबिता
साहित्य
गन्थन
हाईकु
गन्थन
Tuesday, November 17, 2015
मुत्तक
कती
खस्रा
मिठा
बात
खाईयो
जमानामा
,
अन्जानमै
के
साहिनो
लाईयो
जमानामा
;
बुझ्न
खोजेँ
आज
अबिबेकी
मन
यो
मेरो
अनि
त्यस्कै
प्रतीफल
पाईयो
जमानामा
,!
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Comments system
No comments:
Post a Comment